सूरह अल-फ़ातिहा क़ुरआन मजीद की पहली सूरह है। यह एक ऐसी महत्वपूर्ण सूरह है जिसे हर मुसलमान अपनी नमाज़ में पढ़ता है। इसमें अल्लाह तआला की हम्द, उसकी रहमत, आख़िरत के दिन की याद, केवल अल्लाह की इबादत और उसी से मदद मांगने तथा सीधे रास्ते की हिदायत की दुआ शामिल है। इस पोस्ट में आप सूरह अल-फ़ातिहा का अरबी पाठ पढ़ सकते हैं, हिंदी अर्थ समझ सकते हैं और नीचे दिए गए ऑडियो प्लेयर के माध्यम से इसकी तिलावत सुन सकते हैं। सूरह अल-फ़ातिहा की तिलावत सुनें नीचे दिए गए ऑडियो प्लेयर के माध्यम से सूरह अल-फ़ातिहा की तिलावत सुन सकते हैं और साथ-साथ क़ुरआन की आयतों को पढ़ सकते हैं। सूरह अल-फ़ातिहा का अरबी पाठ بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ الْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ مَالِكِ يَوْمِ الدِّينِ إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ اهْدِنَا الصِّرَاطَ الْمُسْتَقِيمَ صِرَاطَ الَّذِينَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ غَيْرِ الْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ وَلَا الضَّالِّينَ सूरह अल-फ़ातिहा का सरल हिंदी अर्थ बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम अल्लाह के नाम से, जो बहुत मेहरबान, नि...
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