Surah Al-Baqarah – सूरह अल-बक़रह सूरह अल-बक़रह (سُورَةُ الْبَقَرَةِ) क़ुरआन मजीद की दूसरी और सबसे लंबी सूरह है। इसमें ईमान, इबादत, अख़लाक़, पारिवारिक जीवन, लेन-देन, सब्र, तक़वा और अल्लाह की इताअत सहित जीवन के अनेक महत्वपूर्ण विषयों के बारे में मार्गदर्शन मिलता है। सूरह अल-बक़रह की ऑडियो तिलावत नीचे दिए गए ऑडियो प्लेयर के माध्यम से आप सूरह अल-बक़रह की तिलावत सुन सकते हैं। बेहतर है कि तिलावत सुनने के साथ-साथ आयतों के अर्थ और संदेश को भी समझने की कोशिश की जाए। Audio player is hosted on Google Drive. सूरह अल-बक़रह – महत्वपूर्ण जानकारी सूरह नंबर 2 नाम अल-बक़रह (البقرة) अर्थ गाय आयतों की संख्या 286 पारा 1, 2 और 3 सूरह का प्रकार मदनी सूरह अल-बक़रह का परिचय सूरह अल-बक़रह क़ुरआन मजीद की सबसे लंबी सूरह है। इसमें इंसान को अपने रब की पहचान, ईमान की बुनियाद, इबादत, अल्लाह की आज्ञाकारिता और सही जीवन-पद्धति की ओर मार्गदर्शन मिलता है। इस सूरह में बनी इस्राईल के कई घटनाक्रमों से भी सबक दिया गया है। इसके अलावा नमाज़, रोज़ा, हज, सदक़...
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